धान खरीदी की अभेद्य घेराबंदी: छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में 40 से अधिक चेकपोस्ट एक्टिव; फर्जी कोचियों और बिचौलियों पर प्रशासन का कड़ा पहरा
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खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 1 नवंबर से शुरू होने जा रही प्रदेश की सबसे बड़ी धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा की अभेद्य घेराबंदी तैयार कर ली है। राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान सोसायटियों में अनिवार्य किए गए किसान 'बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण' के साथ-साथ अब अंतर-राज्यीय सीमाओं पर अवैध धान के परिवहन को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा ग्रिड तैयार किया गया है। ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमाओं से लगे छत्तीसगढ़ के जिलों में 40 से अधिक विशेष सुरक्षा चौकियां (Checkposts) एक्टिव कर दी गई हैं।
पड़ोसी राज्यों के अवैध धान की आवक पर पूरी तरह लगेगी रोक:
छत्तीसगढ़ में धान का समर्थन मूल्य (एमएसपी) और राज्य सरकार का इनपुट बोनस देश में सबसे अधिक होने के कारण अक्सर पड़ोसी राज्यों से अवैध रूप से धान लाकर छत्तीसगढ़ की सोसायटियों में स्थानीय किसानों के नाम पर खपाने की शिकायतें मिलती रही हैं। इस बार इस अवैध कारोबार को पूरी तरह से रोकने के लिए खाद्य विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों के विशेष उड़न दस्ते (Flying Squads) तैनात किए गए हैं। बिना वैध दस्तावेजों और मंडी पर्ची के धान का परिवहन करने वाले बिचौलियों और कोचियों के वाहनों को तत्काल ज़ब्त कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में धान का समर्थन मूल्य (एमएसपी) और राज्य सरकार का इनपुट बोनस देश में सबसे अधिक होने के कारण अक्सर पड़ोसी राज्यों से अवैध रूप से धान लाकर छत्तीसगढ़ की सोसायटियों में स्थानीय किसानों के नाम पर खपाने की शिकायतें मिलती रही हैं। इस बार इस अवैध कारोबार को पूरी तरह से रोकने के लिए खाद्य विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों के विशेष उड़न दस्ते (Flying Squads) तैनात किए गए हैं। बिना वैध दस्तावेजों और मंडी पर्ची के धान का परिवहन करने वाले बिचौलियों और कोचियों के वाहनों को तत्काल ज़ब्त कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सोसायटियों में बायोमेट्रिक का फाइनल डेटा लिंक पूरा:
खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की सभी 2,700 से अधिक प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में पीओएस (POS) मशीनों का फाइनल डेटा लिंकअप पूरा कर लिया गया है। यह एकीकृत डिजिटल सिस्टम धान तौल पत्रक (कांटा पर्ची) जारी करने से पहले किसान के फिंगरप्रिंट को केंद्रीय भू-अभिलेख डेटा से रीयल-टाइम मैच करेगा। यदि कोई मूल किसान अत्यधिक बुजुर्ग या बीमार है, तो उसकी सहायता के लिए परिवार के नामांकित 'नॉमिनी' का बायोमेट्रिक सत्यापन भी पूरी तरह से मान्य किया गया है, जिसके लिए सॉफ्टवेयर को अपडेट कर दिया गया है।
खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की सभी 2,700 से अधिक प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में पीओएस (POS) मशीनों का फाइनल डेटा लिंकअप पूरा कर लिया गया है। यह एकीकृत डिजिटल सिस्टम धान तौल पत्रक (कांटा पर्ची) जारी करने से पहले किसान के फिंगरप्रिंट को केंद्रीय भू-अभिलेख डेटा से रीयल-टाइम मैच करेगा। यदि कोई मूल किसान अत्यधिक बुजुर्ग या बीमार है, तो उसकी सहायता के लिए परिवार के नामांकित 'नॉमिनी' का बायोमेट्रिक सत्यापन भी पूरी तरह से मान्य किया गया है, जिसके लिए सॉफ्टवेयर को अपडेट कर दिया गया है।

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