छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का तांडव: कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, नदी-नाले उफान पर, सुकमा और बीजापुर का संपर्क कटा

 [भारत / छत्तीसगढ़ / रायपुर]

बस्तर संभाग में नदियां खतरे के निशान के ऊपर, एनडीआरएफ की टीमें तैनात
छत्तीसगढ़ में मानसून के भारी कम दबाव के सिस्टम के सक्रिय होने के कारण पिछले 48 घंटों से प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और बस्तर संभाग के कई हिस्सों के लिए अत्यंत भारी बारिश का 'ऑरेंज और रेड अलर्ट' जारी किया है। लगातार हो रही बारिश की वजह से राज्य के नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। विशेषकर बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। इंद्रावती, शबरी और मिंगाचल नदियां खतरे के निशान के करीब या उसके ऊपर बह रही हैं, जिससे कई अंदरूनी गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से पूरी तरह टूट गया है। सुकमा और बीजापुर के कई पुल-पुलियों के ऊपर पानी बहने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर परिचालन को एहतियातन रोक दिया गया है। स्थिति को नियंत्रित करने और बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया है।
राजधानी रायपुर और आसपास के शहरी क्षेत्रों में भी रात भर से हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति निर्मित हो गई है। सड़कों पर पानी भर जाने से सुबह के समय दफ्तर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए निकले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) और नगर पालिक निगम की टीमों को जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए युद्धस्तर पर तैनात किया गया है। मौसम की गंभीरता को देखते हुए कई जिलों के कलेक्टरों ने स्थानीय स्तर पर स्कूलों में छुट्टी घोषित करने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय ने सभी जिला कलेक्टरों और आपदा प्रबंधन टीमों को पल-पल की रिपोर्ट साझा करने और नियंत्रण कक्ष (कontrol Room) को 24 घंटे सक्रिय रखने का सख्त निर्देश दिया है। आम जनता से अपील की गई है कि वे बहुत जरूरी न होने पर घरों से बाहर न निकलें और उफनते हुए नदी-नालों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें।
Reported By The Hdsmit Universal Hearld Desk

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