बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक कला को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर शुरू
[भारत / छत्तीसगढ़ / बस्तर]
छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड ने बस्तर संभाग के दूरदराज के गांवों में पारंपरिक बेलमेटल, बांस शिल्प और टरसर सिल्क बुनाई से जुड़े कारीगरों के लिए आज से एक विशेष कौशल उन्नयन प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण कारीगरों को आधुनिक डिजाइन तकनीकों से परिचित कराना और उनके उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग के जरिए उनकी आय को दोगुना करना है। शिविर में डिजाइन विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है जो स्थानीय युवाओं को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप कलाकृतियां तैयार करने का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
Reported By The Hdsmit Universal Hearld Desk
छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड ने बस्तर संभाग के दूरदराज के गांवों में पारंपरिक बेलमेटल, बांस शिल्प और टरसर सिल्क बुनाई से जुड़े कारीगरों के लिए आज से एक विशेष कौशल उन्नयन प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण कारीगरों को आधुनिक डिजाइन तकनीकों से परिचित कराना और उनके उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग के जरिए उनकी आय को दोगुना करना है। शिविर में डिजाइन विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है जो स्थानीय युवाओं को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप कलाकृतियां तैयार करने का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
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