कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक कांड: पुलिस ने तीन और कोचिंग संचालकों को किया गिरफ्तार, जांच का दायरा बढ़ा

 [भारत / छत्तीसगढ़ / रायपुर]

व्हाट्सएप ग्रुप्स और डिजिटल फॉरेंसिक जांच से खुले कई बड़े राज
रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में रायपुर पुलिस की साइबर सेल ने अपनी जांच तेज करते हुए तीन और निजी कोचिंग संस्थानों के संचालकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में एक प्रोफेसर और कुछ विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत की पुष्टि पहले ही हो चुकी थी, लेकिन अब पकड़े गए कोचिंग संचालकों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि पेपर लीक का यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था और परीक्षा से ठीक कुछ घंटे पहले व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से लाखों रुपये के बदले प्रश्नपत्र चुनिंदा छात्रों तक पहुंचाए जा रहे थे।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने शुचिता बनाए रखने के लिए प्रभावित विषयों की परीक्षाओं को पहले ही रद्द कर दिया है और अब नई परीक्षाओं के लिए कड़े एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्रश्नपत्रों की व्यवस्था लागू की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल गैजेट्स को फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट में और कौन-से रसूखदार लोग शामिल हैं। छात्र संगठनों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में अपना शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रखा है।
Reported By The Hdsmit Universal Hearld Desk

Comments