राजनांदगांव में अंतरराष्ट्रीय स्तर की एस्ट्रो टर्फ हॉकी अकादमी का शिलान्यास; खेलो छत्तीसगढ़ अभियान को मिलेगी नई मजबूती

[भारत / छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव]
छत्तीसगढ़ की 'हॉकी की नर्सरी' कहे जाने वाले और खेल संस्कृति के ऐतिहासिक गौरव, राजनांदगांव जिले में स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्रों के होनहार हॉकी खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण और अत्याधुनिक खेल सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय स्तर की नई 'एस्ट्रो टर्फ हॉकी अकादमी' के निर्माण कार्य का औपचारिक शिलान्यास आज कर दिया गया है। राज्य खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा पूर्ण रूप से वित्तपोषित इस बहु-उद्देशीय खेल परिसर के निर्माण पर करोड़ों रुपये का निवेश किया जाएगा। इस अत्याधुनिक अकादमी में अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) के मानकों के अनुरूप दोहरे एस्ट्रो टर्फ ग्राउंड, हाई-इंटेनसिटी फ्लडलाइट्स, खिलाड़ियों के रहने के लिए एक आधुनिक वातानुकूलित हॉस्टल, एक वैज्ञानिक स्पोर्ट्स साइंस और रिहैबिलिटेशन सेंटर तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर का जिम्नेजियम स्थापित किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ की युवा खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और ओलंपिक स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
राजनांदगांव ने देश को कई महान हॉकी खिलाड़ी दिए हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है, लेकिन हालिया वर्षों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभावान युवाओं को आगे बढ़ने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसी समस्या को स्थाई रूप से दूर करने के लिए इस खेल अकादमी का खाका तैयार किया गया है। स्पोर्ट्स साइंस सेंटर के भीतर अनुभवी फिजियोथेरेपिस्ट, न्यूट्रिशनिस्ट और खेल मनोवैज्ञानिकों (स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट) की एक टीम स्थायी रूप से तैनात रहेगी, जो खिलाड़ियों की शारीरिक फिटनेस, उनके आहार (डाइट) और खेल के दौरान उनके मानसिक तनाव को प्रबंधित करने का वैज्ञानिक विश्लेषण करेगी। खिलाड़ियों के रनिंग पोस्चर और ड्रिब्लिंग स्किल्स को सुधारने के लिए एआई-आधारित मोशन कैप्चर कैमरों का भी उपयोग किया जाएगा।
अकादमी के निर्माण कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस अकादमी में 60 प्रतिशत सीटें छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के मेधावी खिलाड़ियों के लिए पूरी तरह से आरक्षित रखी जाएंगी, जिनका चयन एक निष्पक्ष और पारदर्शी राज्यव्यापी टैलेंट सर्च ट्रायल के माध्यम से किया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों की शिक्षा, भोजन, खेल किट और अंतरराष्ट्रीय दौरों का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इस ऐतिहासिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से न केवल राजनांदगांव बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया और खेलो छत्तीसगढ़ अभियान को एक नई ऊर्जा मिलेगी, जिससे आने वाले समय में राज्य के युवा खिलाड़ी वैश्विक खेल पटल पर देश का तिरंगा शान से लहराने में सक्षम हो सकेंगे।

Reported By The Hdsmit Universal Hearld Desk 

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