दुर्ग नगर निगम ने बड़े कमर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों के खिलाफ शुरू किया बड़ा जब्ती अभियान; कई शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और शोरूम सील
[भारत / छत्तीसगढ़ / दुर्ग]
विस्तृत समाचार:
दुर्ग नगर पालिक निगम के राजस्व विभाग ने शहर के विकास कार्यों के लिए वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने और टैक्स चोरी को पूरी तरह से रोकने के उद्देश्य से इतिहास का सबसे बड़ा और सख्त दंडात्मक अभियान शुरू किया है। नगर निगम की विशेष राजस्व टीमों ने स्थानीय पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से दुर्ग शहर के मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों में औचक दबिश देकर उन बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों, बहुमंजिला शॉपिंग सेंटरों और निजी मैरिज हॉलों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी है, जिन्होंने पिछले कई वित्तीय वर्षों से बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अपने संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) और जल कर का भुगतान नहीं किया है। निगम के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शहर के लगभग 140 बड़े व्यावसायिक बकायेदारों पर कुल मिलाकर ₹35 करोड़ से अधिक का टैक्स बकाया है, जिसके कारण निगम को बुनियादी नागरिक सुविधाओं जैसे सड़क मरम्मत और सफाई व्यवस्था के संचालन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
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दुर्ग नगर पालिक निगम के राजस्व विभाग ने शहर के विकास कार्यों के लिए वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने और टैक्स चोरी को पूरी तरह से रोकने के उद्देश्य से इतिहास का सबसे बड़ा और सख्त दंडात्मक अभियान शुरू किया है। नगर निगम की विशेष राजस्व टीमों ने स्थानीय पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से दुर्ग शहर के मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों में औचक दबिश देकर उन बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों, बहुमंजिला शॉपिंग सेंटरों और निजी मैरिज हॉलों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी है, जिन्होंने पिछले कई वित्तीय वर्षों से बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अपने संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) और जल कर का भुगतान नहीं किया है। निगम के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शहर के लगभग 140 बड़े व्यावसायिक बकायेदारों पर कुल मिलाकर ₹35 करोड़ से अधिक का टैक्स बकाया है, जिसके कारण निगम को बुनियादी नागरिक सुविधाओं जैसे सड़क मरम्मत और सफाई व्यवस्था के संचालन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
कार्रवाई के पहले ही दिन निगम के उड़न दस्ते ने शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक मार्ग पर स्थित दो बड़े रेडीमेड कपड़ा शोरूम और एक विशाल वाणिज्यिक गोदाम को टैक्स न पटाने के कारण तत्काल प्रभाव से सील कर दिया, जिससे पूरे व्यापारिक समुदाय में हड़कंप मच गया। हालांकि कुछ स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने इस अचानक की गई सीलिंग की कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए नगर निगम मुख्यालय के सामने नारेबाजी करने और प्रदर्शन करने का प्रयास किया, लेकिन निगम प्रशासन और पुलिस के सख्त रुख के आगे उनकी एक नहीं चली। नगर निगम कमिश्नर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियमों के तहत किसी भी बकायेदार को कोई राजनीतिक या प्रशासनिक रियायत नहीं दी जाएगी और शहर की जनता के टैक्स के पैसे से ही बुनियादी ढांचे का विकास संभव है, इसलिए बड़े व्यापारिक घरानों को अपना बकाया टैक्स तत्काल चुकाना होगा।
व्यापारियों को राहत और टैक्स जमा करने का एक अंतिम अवसर देने के लिए निगम ने इस अभियान के साथ ही एक आपातकालीन 'एकमुश्त निपटान योजना' (One-Time Settlement Scheme) की भी शुरुआत की है, जिसके तहत यदि कोई बकायेदार आगामी 7 दिनों के भीतर अपने मूल टैक्स का शत-प्रतिशत भुगतान कर देता है, तो उसे पिछले वर्षों के संचित ब्याज और लेट सरचार्ज में 40% तक की भारी छूट प्रदान की जाएगी। इसके लिए सभी जोन कार्यालयों में विशेष डिजिटल टैक्स कलेक्शन काउंटर खोले गए हैं जो छुट्टियों के दिनों में भी खुले रहेंगे। इसके साथ ही, दुर्ग निगम प्रशासन पूरे शहर की व्यावसायिक संपत्तियों का जीआईएस (GIS) सैटेलाइट सर्वे करवा रहा है, जिससे उन अवैध निर्माणों और अघोषित व्यावसायिक गतिविधियों का भी पता चल सकेगा जो बिना निगम की अनुमति के संचालित हो रही हैं और टैक्स के दायरे से बाहर हैं, जिससे आने वाले समय में निगम की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत होगी।
Reported By The Hdsmit Universal Hearld Desk

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