रायगढ़ नगर निगम द्वारा शहर में अत्याधुनिक 'हरित ऊर्जा पार्क' का लोकार्पण; सौर ऊर्जा और अपशिष्ट प्रबंधन का अनूठा संगम

 [भारत / छत्तीसगढ़ / रायगढ़]

छत्तीसगढ़ की 'उद्योगधानी' कहे जाने वाले रायगढ़ शहर में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण के प्रभाव को कम करने, पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देने और नागरिकों को स्वच्छ हवा प्रदान करने के उद्देश्य से रायगढ़ नगर निगम ने शहर के मध्य में विकसित किए गए पहले अत्याधुनिक 'हरित ऊर्जा और जैव-विविधता पार्क' का औपचारिक लोकार्पण आज कर दिया है। इस अनोखे और पर्यावरण-हितैषी पार्क की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से एक ऑफ-ग्रिड सौर ऊर्जा प्रणाली (सोलर ग्रिड) पर संचालित होगा, यानी इस पार्क के भीतर लगी लाइटों, फव्वारों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संचालन के लिए पारंपरिक बिजली ग्रिड से एक यूनिट भी बिजली नहीं ली जाएगी। इसके स्थान पर पार्क परिसर में लगे आधुनिक सोलर ट्री और छतों पर स्थापित सोलर पैनल दिन भर सूर्य की रोशनी से बिजली बनाकर उसे उच्च क्षमता वाले बैटरी बैंक में स्टोर करेंगे, जिससे रात के समय पूरा पार्क जगमगा उठेगा।
रायगढ़ नगर निगम ने इस पार्क के निर्माण में 'कबाड़ से जुगाड़' और टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) की तकनीकों का एक बेजोड़ उदाहरण पेश किया है। पार्क के भीतर लगाए गए आकर्षक बैठने के बेंच, साइनबोर्ड, और सजावटी कलाकृतियां पूरी तरह से शहर से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे, रीसायकल किए गए लोहे और कबाड़ टायरों से बनाई गई हैं। इसके अतिरिक्त, पार्क के एक बड़े हिस्से में 'वर्टिकल गार्डन' और सघन मियावाकी पद्धति से लगभग 5,000 स्थानीय पौधों का रोपण किया गया है, जो बहुत कम समय में एक घने शहरी वन (अर्बन फॉरेस्ट) का रूप ले लेंगे और शहर की हवा से कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने में मदद करेंगे। पार्क के भीतर एक उन्नत वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) संरचना भी बनाई गई है, जो मानसून के दौरान गिरने वाले लाखों लीटर पानी को सीधे भूजल स्तर के भीतर रीचार्ज करेगी।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, यह पार्क न केवल रायगढ़ के नागरिकों को सुबह की सैर, योग और मनोरंजन के लिए एक स्वच्छ और प्राकृतिक वातावरण प्रदान करेगा, बल्कि यह स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों के लिए पर्यावरण शिक्षा का एक 'लाइव लर्निंग सेंटर' भी बनेगा। पार्क के भीतर एक छोटा सा डिजिटल एम्फीथिएटर और ऑडियो-विजुअल रूम भी बनाया गया है, जहाँ हर शाम बच्चों को जलवायु परिवर्तन, कचरा पृथक्करण और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक विषयों पर रोचक डॉक्यूमेंट्री फिल्में मुफ्त में दिखाई जाएंगी। रायगढ़ कलेक्टर ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि औद्योगिक शहरों में इस तरह के हरित पॉकेट्स का विकास करना जनस्वास्थ्य और शहरी नियोजन के दृष्टिकोण से बेहद अनिवार्य है, और रायगढ़ का यह मॉडल पूरे राज्य के अन्य नगर निगमों के लिए एक अनुकरणीय मिसाल बनेगा।

Reported By The Hdsmit Universal Hearld Desk

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