बिलासपुर संभाग: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने माल ढुलाई में बनाया नया राष्ट्रीय कीर्तिमान, राजस्व में 18% का उछाल

 

राज्य: छत्तीसगढ़ (विशेष रिपोर्ट - बिलासपुर) - भारतीय रेलवे के सभी 17 मंडलों में से सबसे अधिक राजस्व देने वाले छत्तीसगढ़ के बिलासपुर मुख्यालय वाले दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में माल ढुलाई (Freight Loading) के क्षेत्र में एक नया अखिल भारतीय कीर्तिमान स्थापित किया है। एसईसीआर द्वारा जारी आधिकारिक वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे जोन ने इस अवधि के दौरान रिकॉर्ड 65.4 मिलियन टन माल की लोडिंग पूरी की है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 15 प्रतिशत अधिक है। माल ढुलाई में इस ऐतिहासिक तेजी के कारण रेलवे के कुल राजस्व (Revenue) में 18 प्रतिशत का भारी उछाल दर्ज किया गया है।

बिलासपुर रेलवे जोन की इस असाधारण सफलता का मुख्य कारण छत्तीसगढ़ के कोरबा, रायगढ़ और कोरिया कोयला खदानों (SECL) से देश के विभिन्न राज्यों के थर्मल पावर स्टेशनों तक कोयले की निर्बाध और तीव्र आपूर्ति सुनिश्चित करना रहा है। इसके अलावा, दुर्ग जिले के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से तैयार स्टील और रेल्स तथा रायपुर-बलौदाबाजार संभाग की सीमेंट फैक्ट्रियों से सीमेंट की ढुलाई को भी प्राथमिकता दी गई। एसईसीआर के महाप्रबंधक ने बताया कि रेलवे ने इस वर्ष मालगाड़ियों की औसत गति बढ़ाने के लिए 'मिशन रफ़्तार' के तहत पटरियों का अपग्रेडेशन किया और 'लोन वोल्फ' व 'अनाकोंडा' जैसी लंबी मालगाड़ियों (लॉन्ग हॉल ट्रेन) का सफल संचालन किया, जिसमें एक साथ 3-4 मालगाड़ियों को जोड़कर चलाया जाता है।
इसके साथ ही, बिलासपुर रेल मंडल ने शत-प्रतिशत डिजिटल और पेपरलेस माल शेड बुकिंग प्रणाली लागू की है, जिससे बड़े औद्योगिक घरानों और वेंडर्स को अपनी रैक बुक करने और माल को ट्रैक करने में बहुत कम समय लग रहा है। बिलासपुर रेलवे की इस शानदार वित्तीय और परिचालन सफलता के बाद केंद्रीय रेल मंत्रालय ने एसईसीआर को राष्ट्रीय स्तर पर 'सर्वश्रेष्ठ परिचालन दक्षता पुरस्कार' (Efficiency Shield) से सम्मानित करने की घोषणा की है। इस राजस्व वृद्धि का एक बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ में नए रेल मार्गों के दोहरीकरण, तीसरी-चौथी लाइन के निर्माण और यात्री सुविधाओं के विस्तार में निवेश किया जाएगा।
Reported by the hdsmit universal heral

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