रायगढ़ जिला: केलो नदी जल प्रदूषण मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की बड़ी कार्रवाई, 3 स्पंज आयरन फैक्ट्रियों पर सील

 

राज्य: छत्तीसगढ़ (विशेष रिपोर्ट - रायगढ़) - छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की जीवनदायिनी मानी जाने वाली 'केलो नदी' में उद्योगों द्वारा लगातार बहाए जा रहे जहरीले और उपचार न किए गए (Untreated) रासायनिक कचरे के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की केंद्रीय पीठ ने एक ऐतिहासिक और बेहद कड़ा फैसला सुनाया है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा दायर एक विस्तृत जनहित याचिका पर अंतिम सुनवाई करते हुए एनजीटी ने छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) को आदेश देकर रायगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में संचालित 3 बड़ी स्पंज आयरन और पावर फैक्ट्रियों को तत्काल प्रभाव से सील करने की कार्रवाई पूरी की है। इसके साथ ही इन उद्योगों पर पर्यावरण को क्षति पहुंचाने के एवज में ₹5-₹5 करोड़ का भारी 'प्रदूषण हर्जाना' (Environmental Compensation) भी लगाया है।

एनजीटी द्वारा गठित एक स्वतंत्र केंद्रीय पर्यावरण वैज्ञानिकों की टीम ने केलो नदी के विभिन्न हिस्सों से पानी और तलछट (Sediment) के नमूने एकत्र किए थे। जांच रिपोर्ट में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इन फैक्ट्रियों द्वारा रात के अंधेरे में बिना 'एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट' (ETP) चलाए, अत्यधिक तेजाबी और भारी धातुओं (जैसे सीसा, क्रोमियम और कैडमियम) से युक्त पानी को सीधे केलो नदी में बहाया जा रहा था। इसके कारण नदी के पानी का ऑक्सीजन स्तर (BOD) खतरनाक रूप से गिर गया था, जिससे हज़ारों मछलियों और जलीय जीवों की मौत हो गई थी। साथ ही, नदी के तटीय गांवों में रहने वाले ग्रामीण इस दूषित पानी के उपयोग के कारण त्वचा रोग, पेट के कैंसर और किडनी की बीमारियों से ग्रसित हो रहे थे।
ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जब तक ये तीनों उद्योग 'ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज' (ZLD) तकनीक को पूरी तरह से स्थापित नहीं कर लेते और पर्यावरण बोर्ड से दोबारा संचालन की अनुमति (Consent to Operate) नहीं प्राप्त कर लेते, तब तक इनकी बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह से कटी रहेगी। एनजीटी ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को भी निर्देशित किया है कि वे केलो नदी के पुनरुद्धार के लिए एक विशेष 'केलो नदी एक्शन प्लान' तैयार करें, जिसके लिए फैक्ट्रियों से वसूले गए ₹15 करोड़ के जुर्माने की राशि का उपयोग किया जाएगा। इस ऐतिहासिक फैसले से छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगपतियों में भारी हड़कंप मचा हुआ है।
Reported by the hdsmit universal heral

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