बरपाली में फ्लाई ऐश डंपिंग पर फूटा अजय चकोले का गुस्सा: नाला पाटने और अवैध भराव को लेकर CM से स्वतंत्र जांच की मांग
रायगढ़/रायपुर: स्वास्तिक मजदूर सेवा समिति के अध्यक्ष अजय चकोले ने रायगढ़ जिले के तमनार तहसील अंतर्गत ग्राम बरपाली में हो रहे फ्लाई ऐश डंपिंग (राखड़ निपटान) को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री (CM) को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डंपिंग के नाम पर नियमों को ताक पर रखकर प्राकृतिक संसाधनों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
कृषि भूमि पर अवैध डंपिंग और नाला पाटने का आरोप
शिकायतकर्ता अजय चकोले के अनुसार, ग्राम बरपाली में खसरा नंबर 96/1, 96/2 और 78 की कुल 15.830 हेक्टेयर भूमि पर फ्लाई ऐश डंपिंग की अनुमति दी गई है। चकोले का दावा है कि यह जमीन राजस्व रिकॉर्ड में कृषि भूमि के रूप में दर्ज है। उन्होंने सवाल उठाया है कि अनुमति देने से पहले भूमि के डायवर्जन और वास्तविक स्थिति का सत्यापन (वेरिफिकेशन) किया गया था या नहीं।
मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
- प्राकृतिक नाला पाटा गया: ऐश भराव के दौरान वहां मौजूद प्राकृतिक नाले को पाटकर उसके जल प्रवाह को पूरी तरह रोक दिया गया है। इसी नाले से पास के डैम/जलाशय में पानी जाता था, जो अब ठप हो गया है।
- सड़क से 30 फीट ऊंचा भराव: सड़क के वर्तमान स्तर से लगभग 30 फीट की ऊंचाई तक अवैध रूप से राखड़ भर दी गई है, जिससे आसपास की जमीनों को भारी खतरा पैदा हो गया है।
- CECB की अनुमति संदिग्ध: CECB क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा 18.07.2025 और 14.01.2023 को जारी पत्र क्रमांकों के तहत दी गई अनुमतियों को जांच के दायरे में लाने की मांग की गई है।
"स्थानीय CECB टीम जांच से बाहर रहे, हो ड्रोन सर्वे"
अजय चकोले ने साफ कहा कि इस पूरे खेल में CECB रायगढ़ के अधिकारियों की भूमिका खुद संदिग्ध है, इसलिए स्थानीय टीम को इस जांच से पूरी तरह बाहर रखा जाए। उन्होंने निष्पक्षता के लिए रायगढ़ से बाहर के किसी वरिष्ठ अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाने की मांग की है।
समिति ने की ये बड़ी मांगें:
- GPS और ड्रोन सर्वे: राजस्व विभाग, CECB, जल संसाधन विभाग और सड़क विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके का GPS आधारित मापन, वीडियोग्राफी और ड्रोन सर्वे कराया जाए।
- पुरानी पेनल्टी की समीक्षा: नियमों के उल्लंघन के बावजूद डंपिंग जारी रहने पर पूर्व में लगाई गई पेनल्टी की कार्रवाई की भी दोबारा समीक्षा हो।
- मूल स्वरूप में बहाली: यदि डंपिंग नियम विरुद्ध पाई जाती है, तो इसे तुरंत बंद कराकर अवैध रूप से डाली गई फ्लाई ऐश हटाई जाए और प्राकृतिक नाले को पुराने स्वरूप में बहाल किया जाए।
शिकायतकर्ता अजय चकोले ने स्पष्ट किया है कि वे जांच के दौरान सबूत के तौर पर आवश्यक दस्तावेज, फोटो और वीडियो प्रस्तुत करने के लिए स्वयं उपस्थित रहेंगे।

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