छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) शुचिता कानून 2026 लागू, पेपर लीक और भ्रष्टाचार पर उम्रकैद का प्रावधान

 

राज्य: छत्तीसगढ़ (विशेष रिपोर्ट - रायपुर) - छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की प्रशासनिक और अन्य सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करने के लिए एक ऐतिहासिक विधिक कदम उठाया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद राज्य के राजपत्र में "छत्तीसगढ़ लोक सेवा परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण और शुचिता) अधिनियम 2026" को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर लागू कर दिया गया है। पिछले कुछ वर्षों में भर्ती परीक्षाओं में लगे कथित भाई-भतीजावाद, पेपर लीक और वित्तीय भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद युवाओं के गिरते भरोसे को बहाल करने के लिए यह देश का सबसे कड़ा कानून माना जा रहा है।

इस नए कानून के तकनीकी प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई भी व्यक्ति, कोचिंग संस्थान, प्रिंटिंग प्रेस या सरकारी अधिकारी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक करने, उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर करने या परीक्षा प्रणाली के डिजिटल सर्वर को हैक करने की साजिश में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। इस अपराध के लिए दोषी पाए जाने पर न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर अधिकतम आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा और ₹1 करोड़ से लेकर ₹5 करोड़ तक के भारी आर्थिक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, ऐसी आपराधिक गतिविधियों से अर्जित की गई पूरी चल-अचल संपत्ति को राज्य सरकार द्वारा कुर्क (जब्त) कर लिया जाएगा।
कानून में परीक्षार्थियों (अभ्यर्थियों) के लिए भी कड़े नियम बनाए गए हैं। यदि कोई छात्र परीक्षा हॉल के भीतर नकल करते हुए, ब्लूटूथ या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे न्यूनतम 3 वर्ष की जेल होगी और वह आगामी 5 वर्षों के लिए छत्तीसगढ़ की किसी भी सरकारी परीक्षा में बैठने के लिए पूरी तरह से अयोग्य (Debar) घोषित कर दिया जाएगा। परीक्षाओं के सुरक्षित संचालन के लिए हर जिले में एक 'विशेष त्वरित न्यायालय' (Fast Track Court) का गठन किया जाएगा, जो महज 6 महीने के भीतर मामले की सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाएगा। मुख्यमंत्री ने इस कानून के लागू होने पर कहा कि यह कानून छत्तीसगढ़ के उन लाखों प्रतिभावान और गरीब युवाओं के सपनों की रक्षा करेगा जो दिन-रात मेहनत कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
Reported by the hdsmit universal heral

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