CECB रायगढ़ के कनिष्ठ वैज्ञानिक सतीश पटेल पर गंभीर आरोप, CM से उच्च स्तरीय जांच और तबादले की मांग
रायपुर: छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) के क्षेत्रीय कार्यालय रायगढ़ में पदस्थ कनिष्ठ वैज्ञानिक सतीश पटेल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रायपुर निवासी शिकायतकर्ता अजय चकोले ने सीधे मुख्यमंत्री (CM) को लिखित शिकायत सौंपकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और आरोपी वैज्ञानिक के तत्काल तबादले की मांग की है। इस शिकायत के बाद से विभाग और प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है।
कनिष्ठ वैज्ञानिक सतीश पटेल पर लगे 4 बड़े आरोप
शिकायतकर्ता अजय चकोले ने अपने पत्र में सतीश पटेल पर उद्योगों से सांठ-गांठ करने, गोपनीय जानकारी लीक करने और पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर अनुचित लाभ पहुंचाने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं:
- एक ही स्थान पर लंबे समय से जमावड़ा: सतीश पटेल वर्षों से रायगढ़ कार्यालय में ही पदस्थ हैं। रायगढ़ के क्षेत्रीय अधिकारियों (RO) के तो समय-समय पर तबादले होते रहते हैं, लेकिन सतीश पटेल का न हटना प्रशासनिक पारदर्शिता और सुशासन पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
- गोपनीय सूचनाएं लीक करना: पत्र में सनसनीखेज दावा किया गया है कि विभागीय निरीक्षण, प्रस्तावित कार्रवाई, पर्यावरण क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) और कारण बताओ नोटिस से जुड़ी अत्यंत संवेदनशील और गोपनीय जानकारियां उद्योगों तक समय से पहले पहुंचा दी जाती हैं।
- कार्रवाई से बचाने की 'सेटिंग': शिकायत में कहा गया है कि उद्योगों को संभावित दंडात्मक कार्रवाई से बचाने के लिए अंदरूनी मार्गदर्शन (लीकेज) दिया जाता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण की पूरी व्यवस्था खोखली हो रही है।
- हितों का टकराव (Conflict of Interest): औद्योगिक घरानों के साथ कनिष्ठ वैज्ञानिक के कथित संबंधों के कारण निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
मुख्यमंत्री से की गई ये 4 मुख्य मांगें
अजय चकोले ने सुशासन और पारदर्शिता को बहाल करने के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष ये प्रमुख मांगें रखी हैं:
- 🛡️ उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच: सतीश पटेल की कार्यप्रणाली और औद्योगिक घरानों के साथ उनके कथित संबंधों की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच समिति से कराई जाए।
- 🔄 तत्काल स्थानांतरण: जांच में कोई प्रभाव न पड़े और निष्पक्षता बनी रहे, इसके लिए जांच अवधि के दौरान सतीश पटेल को रायगढ़ से तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।
- ⚖️ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई: गोपनीयता के उल्लंघन, पक्षपात और हितों के टकराव (Conflict of Interest) की पुष्टि होने पर कड़ी विभागीय व कानूनी कार्रवाई हो।
- 📋 तबादला नीति की समीक्षा: पर्यावरण मंडल में लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की समीक्षा कर समयबद्ध स्थानांतरण नीति लागू की जाए।
शिकायतकर्ता का रुख स्पष्ट:
अजय चकोले ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका मकसद किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और शासन के प्रति आम जनता का विश्वास बहाल करना है।
अजय चकोले ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका मकसद किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और शासन के प्रति आम जनता का विश्वास बहाल करना है।

Comments
Post a Comment