भिलाई नगर निगम का बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त रवैया, व्यावसायिक संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई
[भारत / छत्तीसगढ़ / भिलाई] - भिलाई नगर पालिक निगम ने शहर के विकास कार्यों के लिए राजस्व संग्रहण (रेवेन्यू कलेक्शन) को मजबूत करने के उद्देश्य से संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) और जल कर के बड़े बकायेदारों के खिलाफ एक बड़ा और अभूतपूर्व डंडा चलाया है। निगम के राजस्व विभाग की विशेष टीमों ने पुलिस बल के सहयोग से सुपेला, पावर हाउस, भिलाई-3 और चरोदा के व्यापारिक क्षेत्रों में औचक दबिश देकर उन व्यावसायिक कॉम्प्लेक्सों, मैरिज हॉलों और शॉपिंग सेंटर्स को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी है, जिन्होंने पिछले कई वर्षों से बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अपने टैक्स का भुगतान नहीं किया है। निगम कमिश्नर के अनुसार, शहर के लगभग 120 बड़े व्यावसायिक बकायेदारों पर कुल मिलाकर 45 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है, जिसके कारण निगम को बुनियादी ढांचागत विकास कार्यों और सफाई व्यवस्था के संचालन में भारी वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
कार्रवाई के पहले ही दिन, सुपेला मुख्य मार्ग पर स्थित दो बड़े कपड़ा शोरूम और एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल के प्रशासनिक ब्लॉक को टैक्स न पटाने के कारण सील कर दिया गया, जिससे पूरे शहर के व्यापारिक घरानों में हड़कंप मच गया। कुछ व्यापारिक संगठनों ने इस अचानक की गई सीलिंग की कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए नगर निगम मुख्यालय के सामने प्रदर्शन करने की कोशिश की, लेकिन निगम प्रशासन ने साफ कर दिया कि नियमों के तहत किसी भी बकायेदार को कोई रियायत नहीं दी जाएगी। निगम ने बकायेदारों की सुविधा के लिए एक 'एकमुश्त निपटान योजना' (One-Time Settlement Scheme) की भी घोषणा की है, जिसके तहत यदि कोई बकायेदार आगामी 7 दिनों के भीतर अपने मूल टैक्स का भुगतान कर देता है, तो उसे ब्याज और अधिभार (सरचार्ज) में 50% तक की छूट प्रदान की जाएगी। इसके लिए सभी जोन कार्यालयों में विशेष टैक्स काउंटर खोले गए हैं जो शनिवार और रविवार को भी खुले रहेंगे।
इस कड़े कदम का भिलाई के आम नागरिकों ने स्वागत किया है, क्योंकि उनका मानना है कि जब आम मध्यमवर्गीय परिवार समय पर अपना टैक्स चुकाते हैं, तो बड़े रसूखदार और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को छूट क्यों मिलनी चाहिए। नगर निगम ने एकत्रित होने वाले इस राजस्व का एक बड़ा हिस्सा भिलाई की आंतरिक सड़कों के डामरीकरण, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को एलईडी (LED) में बदलने और शहर के प्रमुख उद्यानों के रखरखाव पर खर्च करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, निगम प्रशासन टैक्स चोरी को पूरी तरह से रोकने के लिए पूरे भिलाई शहर की संपत्तियों का जीआईएस (GIS) सैटेलाइट सर्वे करवा रहा है, जिससे उन अवैध निर्माणों और व्यावसायिक गतिविधियों का भी पता चल सकेगा जो बिना निगम की अनुमति के संचालित हो रही हैं और टैक्स के दायरे से बाहर हैं। इस पूरी पारदर्शी व्यवस्था से भिलाई निगम की वित्तीय स्थिति आने वाले समय में काफी मजबूत होने की उम्मीद है।
Reported By The Hdsmit Universal Hearld Desk
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