महाराष्ट्र में लगातार मूसलाधार बारिश का तांडव, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर लैंडस्लाइड के कारण यातायात पूरी तरह ठप

 [भारत / महाराष्ट्र / मुंबई] - महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मानसून की अभूतपूर्व सक्रियता के चलते पिछले 72 घंटों से राज्य के तटीय और पश्चिमी घाट क्षेत्रों में प्रलयंकारी बारिश का सिलसिला जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, पालघर, और रायगढ़ जिलों के लिए अत्यंत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेनों की रफ्तार सुस्त पड़ गई है, जबकि निचले इलाकों जैसे हिंदमाता, सायन, कूर्ला, और अंधेरी सबवे में चार से पांच फीट तक पानी जमा हो चुका है। इसी बीच, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खोपोली के पास तड़के एक विशाल भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटना सामने आई है, जहां पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर मुख्य राजमार्ग पर आ गिरा। इस हादसे के कारण एक्सप्रेसवे के दोनों ट्रैक पर वाहनों की आवाजाही को एहतियातन पूरी तरह से रोक दिया गया है, जिससे दोनों शहरों के बीच सफर करने वाले हजारों यात्री और व्यापारिक वाहन पिछले कई घंटों से फंसे हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मलबे की चपेट में दो मालवाहक ट्रक भी आए हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की खबर नहीं है।

हादसे की सूचना मिलते ही महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC), स्थानीय पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें भारी क्रेन और पोकलेन मशीनों के साथ मौके पर पहुंच चुकी हैं। भारी बारिश और लगातार गिरते पत्थरों के कारण मलबे को हटाने के काम में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने मुंबई से पुणे और पुणे से मुंबई जाने वाले यातायात को अस्थाई रूप से पुराने मुंबई-पुणे राजमार्ग पर डायवर्ट कर दिया है, लेकिन वहां भी संकरी सड़कों के कारण कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। मुंबई नगर निगम (BMC) के कमिश्नर ने आपातकालीन बैठक बुलाकर सभी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों को हाई स्पीड पर चलाने और तटीय इलाकों में तैनात सुरक्षा गार्डों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय ने कोंकण संभाग के सभी जिला कलेक्टरों को पल-पल की स्थिति पर नजर रखने और निचले इलाकों व जर्जर इमारतों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में स्थानांतरित करने का सख्त आदेश दिया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अरब सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले 48 घंटों तक कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र में राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
Reported By The Hdsmit Universal Hearld Desk

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