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जगदलपुर थोक कला बाजार में राष्ट्रीय खरीदारों की आमद: बस्तर बेल-मेटल हस्तशिल्प कला के निर्यात में भारी उछाल
JAGDALPUR — बस्तर संभाग के हस्तशिल्प और पारंपरिक कलाकृतियों के लिए मशहूर जगदलपुर थोक कला बाजार के आदिवासी कारीगरों के लिए आज, 10 अगस्त 2026 को व्यापारिक रूप से बड़ा दिन रहा [Bloggercom]। आगामी राष्ट्रीय उत्सव और प्रदर्शनी सीजन को देखते हुए स्थानीय बेल-मेटल और ढोकरा शिल्प मॅन्युफॅक्चरिंग इकाइयों को बड़े रिटेलर्स से भारी मात्रा में ऑर्डर मिले हैं। स्थानीय हस्तशिल्प संघ के अनुसार, कूरियर और डायरेक्ट कार्गो नेटवर्क के चलते इस तिमाही में बस्तर की कलाकृतियों का घरेलू निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है।
विशेष रूप से नई दिल्ली, मुंबई और बंगलुरु के हस्तशिल्प एम्पोरियम्स ने बस्तर की पारंपरिक धातु कलाकृतियों की थोक एडवांस बुकिंग की है। कोंडागांव और जगदलपुर के कला केंद्रों के कारीगरों ने बताया कि परिवहन बुनियादी ढांचे में सुधार के कारण अब वे अपने नाजुक बेल-मेटल उत्पादों को बिना किसी टूट-फूट के सीधे बड़े शहरों में भेज पा रहे हैं। इस सीधे व्यापारिक जुड़ाव से बिचौलियों का हस्तक्षेप पूरी तरह खत्म हो गया है, जिससे सीधे बस्तर के आदिवासी परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।Reported by: The HDSMIT Universal Herald Corporate Desk
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