जांजगीर-चांपा ज़िला: कोसा सिल्क बुनकरों के लिए विशेष क्लस्टर योजना की शुरुआत, अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ेंगे हस्तशिल्पी
राज्य: छत्तीसगढ़ (ज़िला - जांजगीर-चांपा) - अपनी पारंपरिक और बेहतरीन 'कोसा सिल्क' (Kosa Silk) साड़ियों और कपड़ों के लिए देश-विदेश में मशहूर जांजगीर-चांपा जिले के स्थानीय बुनकरों और हस्तशिल्पियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड ने एक नई और विशेष 'कोसा बुनकर क्लस्टर विकास योजना' का शुभारंभ किया है। इस सरकारी योजना के तहत जिले के पारंपरिक बुनकर परिवारों को आधुनिक लूम (करघे), उच्च गुणवत्ता वाला धागा और उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण पूरी तरह से निशुल्क या भारी सब्सिडी पर प्रदान किया जाएगा।
जांजगीर-चांपा के कोसा कपड़ों की मांग हमेशा से वैश्विक स्तर पर रही है, लेकिन बिचौलियों और आधुनिक मार्केटिंग की कमी के कारण स्थानीय गरीब बुनकरों को उनकी कड़ी मेहनत का सही दाम नहीं मिल पाता था। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार इस क्लस्टर के माध्यम से बुनकरों को सीधे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (जैसे अमेज़न, फ्लिपकार्ट और जेम पोर्टल) से जोड़ने जा रही है, जिससे वे अपने उत्पादों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को बेच सकेंगे। इस पहल से न केवल छत्तीसगढ़ की इस प्राचीन और गौरवशाली कला को नया जीवन मिलेगा, बल्कि हजारों बुनकर परिवारों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
Reported by the hdsmit universal heral

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