छत्तीसगढ़ में पारंपरिक 'हरेली तिहार' की धूम, प्रदेशभर में सार्वजनिक अवकाश घोषित

रायपुर - छत्तीसगढ़ के पहले और सबसे महत्वपूर्ण लोक पर्व 'हरेली तिहार' को आज पूरे प्रदेश में बेहद उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है। यह त्योहार पूरी तरह से प्रकृति, कृषि परंपरा, और पशुधन को समर्पित है। सावन मास की अमावस्या को मनाए जाने वाले इस पर्व के अवसर पर राज्य सरकार ने प्रदेशभर में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है, जिसके तहत आज सभी स्कूल, कॉलेज, बैंक और सरकारी कार्यालय पूरी तरह से बंद हैं।

ग्रामीण और शहरी अंचलों में आज सुबह से ही उत्सव का माहौल देखा जा रहा है। किसान अपने घरों और खेतों में उपयोग होने वाले कृषि औजारों जैसे हल, कुदाली, फावड़ा और गैंती को साफ कर उन्हें एक स्थान पर इकट्ठा कर रहे हैं और धूप-दीप, अक्षत, और पुष्प चढ़ाकर उनकी विशेष पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इस पूजा का मुख्य उद्देश्य आने वाली खरीफ फसल की अच्छी पैदावार और कृषि कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा न आने की कामना करना है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में गाय, बैल और भैंस जैसे गोधन की विशेष सेवा की जा रही है। पशुओं को नहलाकर उनका श्रृंगार किया जा रहा है और उन्हें बीमारियों से बचाने के लिए औषधीय आटे की लोरियां खिलाई जा रही हैं।
राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री निवास पर भव्य और विशेष 'हरेली तिहार' का आयोजन किया गया है। यहाँ पारंपरिक छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग बिखरे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने सपत्नीक कृषि यंत्रों और गौमाता की पूजा कर राज्य की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान गेड़ी नृत्य की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें बच्चों से लेकर युवाओं ने बांस से बनी पारंपरिक गेड़ी पर चढ़कर अद्भुत संतुलन का प्रदर्शन किया।

पकवानों की बात करें तो छत्तीसगढ़ी घरों में इस दिन विशेष रूप से 'चीला' और 'गुलगुला भजिया' जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं, जिन्हें पूजा के बाद प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के बीच नारियल फेंकने की पारंपरिक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं, जो इस त्योहार के रोमांच को दोगुना कर देती हैं। हरेली तिहार न केवल एक त्योहार है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के लोगों का अपनी मिट्टी, प्रकृति और पूर्वजों की परंपराओं के प्रति गहरा सम्मान और जुड़ाव प्रदर्शित करता है। 

Reported by: The Hdsmit Universal Herald Desk

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