रायगढ़ ज़िला: केलो नदी संरक्षण परियोजना को मिली मंजूरी, फैक्ट्रियों के प्रदूषण पर लगेगी लगाम


राज्य:
छत्तीसगढ़ (ज़िला - रायगढ़) - रायगढ़ जिले की जीवनदायिनी मानी जाने वाली 'केलो नदी' को बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण और शहरी कचरे से बचाने के लिए राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल और जल संसाधन विभाग ने एक संयुक्त और महात्वाकांक्षी 'केलो नदी संरक्षण व सुंदरीकरण परियोजना' को अपनी अंतिम और आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस विशेष परियोजना के तहत नदी के किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा, आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाए जाएंगे, और नदी में सीधे गिरने वाले गंदे नालों के पानी को फिल्टर करने की व्यवस्था की जाएगी।

रायगढ़ क्षेत्र में स्थित विभिन्न स्पंज आयरन, पावर और केमिकल फैक्ट्रियों द्वारा चोरी-छिपे नदी में बहाए जाने वाले जहरीले औद्योगिक कचरे और केमिकल युक्त पानी पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने एक कड़ा रुख अपनाया है। नए नियमों के मुताबिक, नदी के कैचमेंट एरिया में आने वाले सभी उद्योगों को अनिवार्य रूप से 'ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज' (ZLD) तकनीक अपनानी होगी, जिसका उल्लंघन करने पर फैक्ट्रियों को तुरंत सील करने और भारी जुर्माना लगाने की वैधानिक चेतावनी दी गई है। रायगढ़ के पर्यावरण कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने इस परियोजना का लंबे समय से इंतजार किया था, क्योंकि प्रदूषित पानी के कारण नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ गया था और तटीय गांवों में बीमारियां फैल रही थीं।
Reported by : the hdsmit universal heral

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