कबीरधाम (कवर्धा) जिले में स्थापित होगा छत्तीसगढ़ का पहला अत्याधुनिक 'मिल्क प्रोसेसिंग और चिलिंग प्लांट'

राज्य: छत्तीसगढ़ (कबीरधाम/कवर्धा) - छत्तीसगढ़ के पशुधन विकास विभाग और देवभोग दुग्ध महासंघ ने कबीरधाम (कवर्धा) जिले के ग्रामीण अंचलों में श्वेत क्रांति (White Revolution) लाने और दुग्ध उत्पादक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए एक अत्याधुनिक 'मिल्क प्रोसेसिंग और ऑटोमैटिक चिलिंग प्लांट' की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। लगभग ₹४५ करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्लांट की क्षमता प्रतिदिन ५०,००० लीटर दूध को प्रोसेस करने की होगी, जिससे कवर्धा, बेमेतरा और मुंगेली जिले के हजारों पशुपालकों को सीधे लाभ मिलेगा।

वर्तमान में स्थानीय डेयरी किसानों को दूध निकालने के बाद उसे सुरक्षित रखने के लिए कंक्रीट रेफ्रिजरेटर की कमी का सामना करना पड़ता था, जिससे गर्मियों और बरसात में दूध जल्दी खराब हो जाता था। इस नए प्लांट के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में ३० नए 'बल्क मिल्क कूलिंग सेंटर' (BMC) बनाए जाएंगे, जहाँ किसान अपना दूध सीधे जमा कर सकेंगे। प्लांट में पाश्चुरीकृत दूध के अलावा देवभोग ब्रांड के तहत घी, पनीर, खोवा और सुगंधित मट्ठा (Flavored Milk) का व्यावसायिक उत्पादन किया जाएगा। इस प्लांट के शुरू होने से न केवल छत्तीसगढ़ में शुद्ध दूध की आपूर्ति बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के सैकड़ों नए अवसर सृजित होंगे।
Reported by the hdsmit universal heral desk

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