राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा शांति समझौते को ऐतिहासिक मोड़ बताया: हमास के निशस्त्रीकरण और संघर्ष विराम की शर्तों पर वैश्विक मंथन
[Raipur, Chhattisgarh, India] वैश्विक राजनीति और मध्य पूर्व में जारी अशांति के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में शांति स्थापित करने की दिशा में तैयार किए गए नए 15 सूत्रीय रोडमैप को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की एक "ऐतिहासिक सफलता" करार दिया है। हालांकि, इस ऐतिहासिक शांति समझौते को पूरी तरह धरातल पर उतारने को लेकर हमास और इजरायल के बीच कुछ बेहद बुनियादी और संवेदनशील शर्तों पर गंभीर मतभेद अब भी बने हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) में इस मुद्दे पर बुलाई गई आपातकालीन बैठक में वैश्विक प्रवक्ताओं ने आगाह किया कि महीनों से चल रहे इस हिंसक संघर्ष के कारण गाजा पट्टी में रहने वाले करीब 20 लाख नागरिक इस समय पूरी तरह से विनाश के कगार पर पहुंच चुके हैं और वे युद्ध क्षेत्र के भीतर ही फंसे हुए हैं।
इस नए शांति रोडमैप के तहत सबसे प्रमुख और विवादित शर्त हमास के पूर्ण निशस्त्रीकरण (Disarmament of Hamas) की रखी गई है। अमेरिकी प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों का तर्क है कि गाजा में स्थायी शांति की बहाली और बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण कार्यों (Reconstruction) की शुरुआत तभी संभव है, जब वहां से सभी प्रकार के सैन्य हथियारों और उग्रवादी ढांचों को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए। अमेरिकी प्रतिनिधि ने सुरक्षा परिषद में सख्त लहजे में कहा कि जब तक हथियारों की होड़ बंद नहीं होगी, तब तक किसी भी शांति योजना का सफल होना व्यावहारिक रूप से नामुमकिन है। दूसरी ओर, हमास ने इस शर्त को एकतरफा बताते हुए इसे मानने से साफ इनकार किया है, जबकि इजरायल पर भी संघर्ष विराम (Ceasefire) के नियमों का पूरी तरह पालन न करने और अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता समूहों के पंजीकरण को रद्द करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
इस कूटनीतिक गतिरोध के बीच सबसे दर्दनाक पहलू गाजा के आम नागरिकों का है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष समन्वयकों ने चेतावनी जारी की है कि गाजा पट्टी में मौजूदा समय में दो-तिहाई से अधिक आबादी तक बुनियादी जीवन रक्षक वस्तुएं, भोजन और दवाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। आगामी सर्दियों के मौसम को देखते हुए रिहायशी शिविरों और आश्रय स्थलों की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। वैश्विक नेताओं ने दोनों पक्षों से अपनी हठधर्मिता छोड़कर मानवीय आधार पर इस 15 सूत्रीय समझौते को तुरंत स्वीकार करने की पुरजोर अपील की है, ताकि मध्य पूर्व को एक और विनाशकारी महायुद्ध की आग में झुलसने से समय रहते बचाया जा सके।
Reported By: the hdsmit universal desk

Comments
Post a Comment