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राज्य: छत्तीसगढ़ (रायपुर) - छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को वैश्विक स्तर पर तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। शासन द्वारा जारी नए अकादमिक कैलेंडर के अनुसार, प्रदेश भर में संचालित सभी 'स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम शासकीय स्कूलों' में कक्षा ६वीं से लेकर कक्षा १२वीं तक के छात्रों के लिए 'कंप्यूटर कोडिंग, डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) को एक अनिवार्य विषय के रूप में शामिल कर दिया गया है।
शिक्षा सचिव ने बताया कि इस आधुनिक पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिए विभाग ने देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद (NCERT) के विशेषज्ञों की मदद ली है। स्कूलों में नई कंप्यूटर लैब स्थापित की जा रही हैं और गणित व कंप्यूटर के शिक्षकों को एआई टूल सिखाने के लिए विशेष रिफ्रेशर ट्रेनिंग दी जा रही है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों के बच्चों को कोडिंग के शुरुआती सिद्धांतों जैसे पायथन (Python) और जावास्क्रिप्ट से परिचित कराना है, ताकि वे भविष्य में केवल नौकरियों के लिए आवेदन करने वाले न बनें, बल्कि खुद नए डिजिटल सॉफ्टवेयर और इनोवेटिव स्टार्टअप्स का निर्माण कर सकें।
Reported by the hdsmit universal heral desk

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