बस्तर दशहरा की विश्व प्रसिद्ध रथ निर्माण प्रक्रिया के लिए कारीगरों का जगदलपुर आगमन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

[भारत / छत्तीसगढ़ / जगदलपुर] - विश्व के सबसे लंबे समय तक चलने वाले और ऐतिहासिक महत्व के 'बस्तर दशहरा' पर्व की तैयारियां अब अपने पूरे शबाब पर हैं। जगदलपुर शहर के ऐतिहासिक सिरहासार भवन में पारंपरिक विशालकाय काष्ठ रथ के निर्माण के लिए बस्तर के सुदूर वनांचल क्षेत्रों से आए पारंपरिक कारीगरों (जिन्हें स्थानीय बोली में 'बेड़ाउमर' और 'झारउमर' कहा जाता है) का दल पहुंच चुका है। बस्तर का दशहरा दुनिया में अपनी तरह का इकलौता ऐसा पर्व है, जो पूरे 75 दिनों तक चलता है और इसमें किसी भी देवी-देवता की मूर्ति की पूजा के बजाय मां दंतेश्वरी के छत्र और उनके पारंपरिक रथ की परिक्रमा की जाती है। इस पर्व की शुरुआत 'पाट जात्रा' रस्म के साथ होती है, जिसके बाद रथ निर्माण के लिए घने जंगलों से लाई गई साल की विशाल लकड़ियों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस साल भी इस अद्भुत जनजातीय उत्सव को देखने के लिए देश-विदेश से हजारों पर्यटकों के जगदलपुर पहुंचने की उम्मीद है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन और पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा और ठहरने के व्यापक इंतजाम किए हैं।

रथ निर्माण की प्रक्रिया अपने आप में इंजीनियरिंग और पारंपरिक ज्ञान का एक बेजोड़ उदाहरण है। इन विशाल रथों के निर्माण में लोहे की एक भी कील का उपयोग नहीं किया जाता है; बल्कि पूरी संरचना को साल की लकड़ी के लट्ठों को आपस में जोड़कर और सुतली की रस्सियों से बांधकर तैयार किया जाता है। सुदूर गांवों से आए करीब 80 से अधिक कारीगर दिन-रात मेहनत करके इस पारंपरिक रथ को आकार देते हैं। बस्तर राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्यों और मां दंतेश्वरी मंदिर के मुख्य पुजारियों की देखरेख में हर एक रस्म को पूरी शुचिता के साथ संपन्न किया जाता है। स्थानीय प्रशासन ने इन कारीगरों के रहने, खाने और चिकित्सा के लिए सिरहासार भवन के पास ही एक सर्वसुविधायुक्त शिविर स्थापित किया है। इसके अलावा, बस्तर के विभिन्न जनजातीय समूहों (जैसे मूरिया, मारिया, भतरा और हलबा) के बीच आपसी समन्वय बनाए रखने के लिए एक विशेष 'दशहरा समिति' का गठन किया गया है, जो सभी पारंपरिक रस्मों को समय पर पूरा कराने के लिए उत्तरदायी होती है।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से, जगदलपुर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। दंतेश्वरी मंदिर परिसर, राजमहल और सिरहासार भवन के आसपास के पूरे क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों के सर्विलांस नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। बस्तर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि त्योहारी सीजन के दौरान भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस जवानों और महिला कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई गई है। बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए जगदलपुर के प्रमुख होटलों, लॉज और होमस्टे के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की गई है, जिसके तहत उन्हें अपनी बुकिंग की जानकारी अनिवार्य रूप से स्थानीय पुलिस थाने को देनी होगी। इसके साथ ही, बस्तर की पारंपरिक लोक कलाओं और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए जगदलपुर के दलपत सागर के तट पर एक विशाल प्रदर्शनी और सांस्कृतिक मंच भी तैयार किया जा रहा है, जहां हर शाम बस्तर के लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे, जिससे स्थानीय पर्यटन को एक नई ऊंचाई मिलेगी।

Reported By The Hdsmit Universal Hearld Desk 

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