कोरबा ज़िला: एशिया की सबसे बड़ी खदान 'गेवरा' में भारी भूस्खलन, कोयला उत्पादन आंशिक रूप से प्रभावित


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छत्तीसगढ़ (ज़िला - कोरबा) - छत्तीसगढ़ के ऊर्जा धानी कहे जाने वाले कोरबा जिले में स्थित साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की और एशिया की सबसे बड़ी ओपनकास्ट कोयला खदानों में शुमार 'गेवरा माइंस' में बीती रात अचानक एक बड़ा भूस्खलन (Landslide) होने की घटना सामने आई है। लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश के कारण खदान के एक मुख्य हिस्से की विशाल मिट्टी और चट्टान की दीवार (Overburden) भरभरा कर नीचे ढह गई, जिससे खदान के भीतर जाने वाला एक प्रमुख परिवहन मार्ग पूरी तरह से मलबे में दब गया। इस आकस्मिक घटना के चलते खदान से होने वाला कोयला उत्खनन और परिवहन कार्य आंशिक रूप से बाधित हो गया है।

राहत की बात यह रही कि भूस्खलन के समय उस विशिष्ट डेंजर ज़ोन में कोई भी माइनिंग मजदूर या भारी डंपर मशीन मौजूद नहीं थी, जिससे एक बहुत बड़ा और भयानक हादसा होने से टल गया और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। एसईसीएल प्रबंधन ने तुरंत संज्ञान लेते हुए खदान में सुरक्षा सायरन बजाकर काम को रोका और मलबे को हटाने के लिए दर्जनों बड़ी पोकलेन और क्रेन मशीनों को काम पर लगाया है। अधिकारियों का कहना है कि मलबे को पूरी तरह साफ करने और मार्ग को दोबारा सुरक्षित बनाने में कम से कम 24 से 36 घंटे का समय लग सकता है। कोरबा से देश के कई राज्यों के पावर प्लांटों को कोयला भेजा जाता है, इसलिए प्रबंधन युद्ध स्तर पर काम कर रहा है ताकि देश के थर्मल पावर स्टेशनों में कोयले की किल्लत न हो।
Reported by : the hdsmit universal heral

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