किसान मोर्चे का पंजाब भर में ऐतिहासिक राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन, एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग तेज
[भारत / पंजाब / अमृतसर] - पंजाब के विभिन्न किसान संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चे के बैनर तले आज पूरे पंजाब में एक विशाल और अभूतपूर्व राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस महा-आंदोलन का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार पर दबाव बनाना है ताकि बासमती, मक्का, सरसों, आलू और कपास सहित पांच प्रमुख फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और सरकारी खरीद की व्यवस्था को तुरंत धरातल पर लागू किया जा सके। किसानों का कहना है कि सरकार ने पूर्व में इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस नीतिगत कदम नहीं उठाए गए हैं। अमृतसर, लुधियाना, बठिंडा, और जालंधर जैसे बड़े जिलों के मुख्य राष्ट्रीय राजमार्गों, टोल प्लाजा और रेलवे ट्रैकों के पास हजारों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ इकट्ठा हुए और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के समर्थन में धरना दिया।
Reported By The Hdsmit Universal Hearld Desk
इस व्यापक किसान मोर्चे की मुख्य मांगों में केवल फसलों का सही दाम ही शामिल नहीं है, बल्कि पंजाब के किसानों और कृषि मजदूरों के लिए पूर्ण कर्ज माफी की मांग भी बेहद प्रमुखता से उठाई जा रही है। इसके अतिरिक्त, शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पिछले आंदोलनों के दौरान पुलिस और रेलवे द्वारा दर्ज किए गए सभी आपराधिक मामलों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की गई है। किसानों ने उन परिवारों के लिए लंबित मुआवजे और सरकारी नौकरियों को तुरंत जारी करने की मांग की है, जिनके सदस्यों की आंदोलन के दौरान असमय मृत्यु हो गई थी या जो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मोर्चे के वरिष्ठ किसान नेताओं ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब की कृषि व्यवस्था गहरे आर्थिक संकट से गुजर रही है और जब तक सरकार किसानों को उनकी लागत का सही मूल्य देने के लिए एमएसपी का कानून नहीं बनाती, तब तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बचाना पूरी तरह असंभव है।
आंदोलन के दौरान पंजाब के पानी के संकट का मुद्दा भी गरमाया रहा। किसानों ने मांग की है कि पंजाब के जल स्रोतों और नदियों के पानी का बंटवारा पूरी तरह से रिपेरियन सिद्धांत (Riparian Principle) के अनुसार होना चाहिए और भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge) के लिए सरकार को ठोस और वैज्ञानिक योजनाएं चलानी चाहिए। किसानों ने पंजाब सरकार की वर्तमान 'लैंड पूलिंग पॉलिसी' का पुरजोर विरोध करते हुए इसे किसान विरोधी बताया। इसके साथ ही, देश की संप्रभुता और किसानों के हितों की रक्षा के लिए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन विधेयक और प्रस्तावित बीज अधिनियम का विरोध करने वाला एक विशेष प्रस्ताव पंजाब विधानसभा में पास करने की मांग की गई है। हालांकि प्रदर्शन के कारण कई जगहों पर यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन किसान नेताओं ने एम्बुलेंस और स्कूली वाहनों को सुरक्षित रास्ता देकर अनुशासित आंदोलन की एक बेहतरीन मिसाल पेश की।
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