वैश्विक निवेश और औद्योगिक महाशक्ति बनने की ओर छत्तीसगढ़: ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश का पहला 'जोखिम-आधारित स्वचालित मंजूरी' कानून लागू

 CHHATTISGARH, RAIPUR

Reported by The HDSMIT Universal Herald
छत्तीसगढ़ को देश का सबसे बड़ा निवेश और विनिर्माण (manufacturing) केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक प्रशासनिक कदम उठाया है। राज्य विधानसभा में "छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (सरलीकरण और सुधार) विधेयक" को ध्वनि मत से मंजूरी दे दी गई है। इस कानून के लागू होने के साथ ही छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने उद्योगों की स्थापना और उनके संचालन के लिए पूरी तरह से 'भरोसे और जोखिम' पर आधारित एक क्रांतिकारी प्रशासनिक व्यवस्था (Trust-Based Regulatory Framework) को कानूनी अमलीजामा पहनाया है। इस महत्वाकांक्षी कानून का प्राथमिक और दूरगामी उद्देश्य उद्योगों को शुरू करने में होने वाली विभागीय देरी, जटिल कागजी प्रक्रियाओं और लालफीताशाही (red tape) को पूरी तरह से समाप्त करना है, जिससे घरेलू और विदेशी निवेशकों को राज्य में व्यापार करना और भी आसान हो सके।
इस नए अधिनियम के मुख्य प्रावधानों के अनुसार, अब छत्तीसगढ़ में स्थापित होने वाले सभी सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़े उद्यमों (MSMEs & Mega Industries) को उनके आकार, निवेश की मात्रा, पर्यावरण प्रभाव और सुरक्षा मानकों के आधार पर वैज्ञानिक तरीके से अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। जो उद्योग कम जोखिम वाले या गैर-खतरनाक (non-hazardous) क्षेत्रों के अंतर्गत आते हैं, उन्हें अब अपना काम शुरू करने के लिए किसी भी प्रारंभिक भौतिक निरीक्षण (physical inspection) या विभिन्न सरकारी विभागों से महीनों तक मिलने वाली लंबी मंजूरियों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वे केवल राज्य सरकार के केंद्रीयकृत सिंगल-विंडो पोर्टल पर एक ऑनलाइन स्व-घोषणा (self-declaration) और अनुपालन शपथ पत्र जमा करके वास्तविक समय (real-time) में तत्काल अपनी औद्योगिक गतिविधियों का संचालन शुरू कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस ऐतिहासिक अवसर पर औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती व्यवस्थाओं में किसी भी उद्योग को शुरू करने के लिए दर्जनों विभागों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती थी बल्कि भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलता था। नया कानून इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी, डिजिटल और उत्तरदायी बनाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा, पर्यावरण और श्रम मानकों से कोई समझौता किए बिना, ईमानदार उद्यमियों को एक सुरक्षित और सहयोगी माहौल देना सरकार की जिम्मेदारी है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस कानून के प्रभावी होने से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास दर में रिकॉर्ड वृद्धि होगी और आने वाले वर्षों में स्थानीय युवाओं के लिए विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

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