बस्तर ज़िला: लौह अयस्क खनन क्षेत्र में स्थानीय आदिवासियों का भारी विरोध प्रदर्शन, सुरक्षा बल तैनात

 राज्य: छत्तीसगढ़ (ज़िला - बस्तर) - छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बस्तर संभाग के अंतर्गत आने वाले लौह अयस्क खनन प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में आज सुबह से ही भारी तनाव और विरोध प्रदर्शन की स्थिति बनी हुई है। नए स्वीकृत खनन ब्लॉकों (Mining Blocks) में निजी कंपनियों द्वारा सर्वे और पेड़ों की कटाई की प्रारंभिक गतिविधियों की शुरुआत का विरोध करने के लिए हज़ारों की संख्या में स्थानीय मूल निवासी और आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक हथियारों, धनुष-बाण और तख्तियों के साथ सड़कों पर उतर आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और निजी कंपनियों ने इस संवेदनशील क्षेत्र में खनन शुरू करने से पहले संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत अनिवार्य 'ग्राम सभा' की वैध अनुमति नहीं ली है और फर्जी दस्तावेज़ों के सहारे पर्यावरण क्लीयरेंस हासिल किया गया है।

यह आंदोलन मुख्य रूप से जल, जंगल और जमीन की रक्षा के संकल्प के साथ शुरू हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि खनन गतिविधियों के कारण बस्तर की समृद्ध जैव विविधता और प्राचीन प्राकृतिक देवस्थलों (माटी गादी) को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी, जिससे उनका अस्तित्व ही दांव पर लग जाएगा। आंदोलन को उग्र होता देख जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में एहतियातन भारी संख्या में पुलिस बल और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को तैनात कर दिया है। बस्तर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण खनन कार्य को पूरी तरह रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं। सुरक्षा बलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे शांति व्यवस्था बनाए रखें और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहें।
Reported by : the hdsmit universal heral

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