बिलासपुर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद अर्पा नदी उफान पर है। निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा, जिला प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट।
बिलासपुर शहर के बीच से गुजरने वाली अर्पा नदी के घाट और पुल-पुलिया पानी में डूबने की कगार पर हैं। शहर के पचरी घाट, शनिचरी रपटा और मंगला क्षेत्र के निचले हिस्सों में पानी भरने की शुरुआत हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश और ऊपरी कैचमेंट एरिया से आ रहे भारी पानी के इनफ्लो की वजह से नदी का जलस्तर खतरे के निशान के बिल्कुल करीब पहुंच चुका है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शनिचरी रपटा और अन्य छोटे पुलों पर आवागमन को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। जगह-जगह पुलिस बैरिकेड्स लगाकर लोगों को नदी के करीब जाने से रोका जा रहा है।
ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी चिंताजनक बनी हुई है। बिलासपुर जिले के कोटा, तखतपुर और मस्तूरी ब्लॉक के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। छोटे नदी-नाले उफान पर होने के कारण सड़कों पर तीन से चार फीट पानी बह रहा है। खेतों में पानी भर जाने से धान की फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। जिला कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों, पटवारियों और कोटवारों को अपने-अपने क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित ग्रामीणों के लिए स्थानीय सरकारी स्कूलों और सामुदायिक भवनों में राहत शिविर (Relief Camps) बनाए गए हैं, जहां भोजन और दवाओं की व्यवस्था की जा रही है।
जलभराव के कारण बिलासपुर शहर के ड्रेनेज सिस्टम की पोल एक बार फिर खुल गई है। व्यापार विहार, तिफरा, और सिरगिट्टी जैसे प्रमुख व्यावसायिक और रिहायशी इलाकों की सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा हो गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम द्वारा नालियों की समय पर सफाई न कराए जाने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है। घरों और दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। नगर निगम कमिश्नर ने आपातकालीन बैठक बुलाकर जलभराव वाले क्षेत्रों से पंपों के जरिए पानी निकालने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने भी बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने बताया कि जलभराव वाले क्षेत्रों में डायरिया, पीलिया और अन्य जलजनित बीमारियों (Water-borne diseases) के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए मेडिकल टीमों को दवाइयों के स्टॉक के साथ तैयार रहने को कहा गया है। बाढ़ राहत शिविरों में ओआरएस (ORS) के पैकेट और क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों तक बिलासपुर संभाग में मानसून इसी तरह सक्रिय रहेगा, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो सकती है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आपातकाल में कंट्रोल रूम से संपर्क करें।

Comments
Post a Comment