गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जंगली हाथियों के दल ने गर्ल्स हॉस्टल की दीवारें तोड़ीं। वन विभाग ने सूझबूझ से 58 छात्राओं को सुरक्षित निकाला।


 मरवाही वनमंडल (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला), छत्तीसगढ़ - छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के मरवाही वनमंडल के अंतर्गत आने वाले एक सुदूर ग्रामीण इलाके में बीती रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 12 जंगली हाथियों के एक दल ने अचानक एक शासकीय कन्या छात्रावास (Girls Hostel) पर धावा बोल दिया। हाथियों ने भोजन और अनाज की तलाश में हॉस्टल की बाउंड्री वॉल और मुख्य भवन की दीवारों को पांच अलग-अलग जगहों से बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस बेहद खतरनाक स्थिति में हॉस्टल वार्डन और वन विभाग के मैदानी अमले ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए हॉस्टल के भीतर सो रही 58 छात्राओं को सुरक्षित पिछले रास्ते से बाहर निकाला, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया।
मरवाही का यह इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ है और अक्सर मध्य प्रदेश के अनूपपुर वन क्षेत्र से हाथियों का दल यहां भटक कर आ जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब 1 बजे हाथियों की चिंघाड़ सुनकर हॉस्टल की सुरक्षा में तैनात गार्ड और वार्डन की नींद खुली। उन्होंने देखा कि विशालकाय हाथी हॉस्टल के गेट को तोड़कर भीतर घुस चुके थे और अपनी सूंड से खिड़कियों को नुकसान पहुंचा रहे थे। हॉस्टल के भीतर मौजूद छात्राएं डर के मारे चीखने-चिल्लाने लगीं। वार्डन ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए सभी बच्चियों को एक सुरक्षित कमरे में इकट्ठा किया और वन विभाग के अधिकारियों को फोन पर घटना की जानकारी दी।
Reported By - The Hdsmit Universal Heral Desk Chhatisgarh

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