दुर्ग जिला स्वास्थ्य अवसंरचना: जीईसी और जिला चिकित्सालय में ₹350 करोड़ की सुपर-स्पेशियलिटी विंग स्वीकृत

 दुर्ग, छत्तीसगढ़: दुर्ग जिले के नागरिकों को उच्च-स्तरीय और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जिला चिकित्सालय परिसर में ₹350 करोड़ की लागत से एक विशाल सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा विंग (Super-Speciality Medical Wing) के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य परियोजना के अंतर्गत दुर्ग में पहली बार उन्नत कार्डियोलॉजी (हृदय रोग), न्यूरोलॉजी (मस्तिष्क रोग), और ऑन्कोलॉजी (कैंसर उपचार) के पूर्णतः समर्पित प्रभाग स्थापित किए जाएंगे।

अब तक दुर्ग और भिलाई के निवासियों को गंभीर बीमारियों के जटिल ऑपरेशनों और उन्नत जांचों के लिए रायपुर के एम्स या निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता था। दुर्ग जिला चिकित्सालय में बनने वाली इस नई आठ-मंजिला सुपर-स्पेशियलिटी विंग में 250 नए आईसीयू बेड, 6 अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और मध्य भारत की सबसे आधुनिक एमआरआई (MRI) व सीटी स्कैन मशीनें स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही, यहाँ एक चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाला डिजिटल ट्रॉमा सेंटर भी बनाया जाएगा।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्वास्थ्य परियोजना के पूर्ण होने से दुर्ग जिले के शासकीय स्वास्थ्य ढांचे की क्षमता में अभूतपूर्व सुधार होगा और प्रतिदिन औसतन 3,500 से अधिक बाह्य रोगियों (OPD) को पूरी तरह से निःशुल्क चिकित्सा लाभ प्राप्त हो सकेगा। इस विंग के संचालन के लिए शासन द्वारा 45 नए विशेषज्ञ डॉक्टरों और 180 से अधिक पैरामेडिकल स्टाफ के विशेष पदों को भी मंजूरी दी गई है। यह स्वास्थ्य अवसंरचना दुर्ग संभाग के लाखों नागरिकों के जीवन को सुरक्षित करने और उन्हें सस्ती व विश्वस्तरीय चिकित्सा प्रदान करने की दिशा में सरकार का एक अत्यंत संवेदनशील और सराहनीय कदम है।
  • रिपोर्ट: द एचडस्मिट यूनिवर्सल डेस्क

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