छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय पर सेवा न देने वाले 3 तहसीलदारों पर लगा जुर्माना


 राज्य: छत्तीसगढ़ (बिलासपुर/मुंगेली) - छत्तीसगढ़ में आम जनता को जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र और राजस्व रिकॉर्ड्स (खसरा-बी१) समय सीमा के भीतर पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने के लिए बनाए गए 'छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम' के कड़े अनुपालन को लेकर बिलासपुर संभाग के कमिश्नर ने एक सख्त प्रशासनिक मिसाल कायम की है। ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि मुंगेली और बिलासपुर जिले के ३ तहसीलदारों ने बिना किसी ठोस और वैध कारण के सैकड़ों गरीब ग्रामीणों के जाति और भूमि नामांतरण (Mutation) के आवेदनों को महीनों से लंबित रखा हुआ था।

कमिश्नर ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम की धारा के तहत कड़ी कार्रवाई करते हुए इन तीनों जिम्मेदार राजस्व अधिकारियों के मासिक वेतन से ₹२५० प्रति दिन की देरी के हिसाब से कुल ₹२५,००० से ₹३५,००० तक का आर्थिक जुर्माना (Penalty) वसूलने का आदेश जारी किया है। यह जुर्माना राशि सीधे उन पीड़ित आवेदकों को मुआवजे के रूप में दी जाएगी जिन्हें प्रशासनिक सुस्ती के कारण परेशानी उठानी पड़ी। इस कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के बाद पूरे राजस्व विभाग और कलेक्ट्रेट कार्यालयों में हड़कंप मच गया है। संभागायुक्त ने स्पष्ट किया है कि जनता के काम में जानबूझकर ढिलाई बरतने वाले किसी भी शासकीय कर्मचारी या राजपत्रित अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
Reported by the hdsmit universal heral desk

Comments