बस्तर और सरगुजा संभाग: मुख्यमंत्री 'सुपोषण और स्वास्थ्य रथ' योजना का विस्तार, 250 नए मोबाइल मेडिकल वैन रवाना

राज्य: छत्तीसगढ़ (विशेष रिपोर्ट - ग्रामीण अंचल) - छत्तीसगढ़ के दूरस्थ, दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) और ग्रामीण आबादी तक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं और पोषण सुरक्षा पहुंचाने के लिए राज्य के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना "मुख्यमंत्री सुपोषण और स्वास्थ्य रथ योजना" के व्यापक विस्तार की घोषणा की है। राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास से आज एक भव्य समारोह में 250 नए अत्याधुनिक मोबाइल मेडिकल वैन (सुपोषण रथ) को हरी झंडी दिखाकर बस्तर, सरगुजा और जशपुर संभाग के सुदूर अंदरूनी गांवों के लिए रवाना किया गया।

ये विशेष सुपोषण और स्वास्थ्य रथ पूरी तरह से चलते-फिरते छोटे अस्पतालों (Mini Hospitals) की तरह डिजाइन किए गए हैं। प्रत्येक वाहन में एक योग्य एमबीबीएस डॉक्टर, एक महिला एएनएम, एक फार्मासिस्ट और एक पोषण विशेषज्ञ चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे। इन वाहनों में प्राथमिक उपचार, मलेरिया, टाइफाइड, डायबिटीज और एनीमिया (खून की कमी) की तत्काल जांच के लिए आधुनिक डायग्नोस्टिक लैब उपकरण और निशुल्क दवाइयां उपलब्ध रहेंगी। इस योजना का मुख्य फोकस वनांचल क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें उच्च प्रोटीन युक्त पूरक पोषण आहार और आवश्यक विटामिंस के सप्लीमेंट्स मौके पर ही प्रदान करना है।
छत्तीसगढ़ के पहाड़ी और जंगली रास्तों पर जहाँ एम्बुलेंस या सामान्य वाहन नहीं पहुंच पाते, वहाँ ये स्वास्थ्य रथ हाट-बाजारों और ग्राम पंचायतों के माध्यम से साप्ताहिक शिविर आयोजित करेंगे। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि इस डिजिटल युग में सभी सुपोषण रथों को 'इसरो' (ISRO) के सैटेलाइट ट्रैकिंग सिस्टम और रायपुर स्थित मुख्य टेली-मेडिसिन हब से जोड़ा गया है। यदि किसी गांव में कोई गंभीर या जटिल मरीज मिलता है, तो मोबाइल वैन के डॉक्टर तुरंत रायपुर या बिलासपुर के मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लाइव परामर्श लेकर मरीज का इलाज शुरू कर सकेंगे। यह योजना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में मातृ-शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने में मील का पत्थर साबित होगी।

Reported by the hdsmit universal heral 

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