नाशिक वाइनरी और कृषि-पर्यटन उद्योग के लिए नई प्रोत्साहन नीति: 200 से अधिक ग्रामीण केंद्रों को मिलेगा सिंगल-विंडो ई-क्लियरेंस

[Nashik, Maharashtra, India] भारत की 'वाइन कैपिटल' के रूप में विख्यात नाशिक जिले में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, अंगूर की खेती और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को एकीकृत करने के लिए महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम (MTDC) और राज्य उद्योग विभाग ने 'एग्री-टूरिज्म एंड वाइनरी प्रमोशन पॉलिसी 2.0' को अधिसूचित किया है। इस नई नीति के तहत निफाड़, डिंडोरी और इगतपुरी के 200 से अधिक अंगूर उत्पादक किसान समूहों और स्थानीय वाइनरी संचालकों को अपने परिसरों में पर्यावरण-अनुकूल एग्री-टूरिज्म रिसॉर्ट्स, विलेज स्टे और टेस्टिंग सेंटर्स स्थापित करने के लिए पूर्णतः डिजिटल सिंगल-विंडो क्लीयरेंस की सुविधा दी जा रही है। किसानों को कृषि-पर्यटन केंद्र विकसित करने के लिए बैंकों से रियायती दरों पर ऋण और बुनियादी ढांचे के विकास पर 25% तक की प्रत्यक्ष वित्तीय सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को पश्चिमी घाट की प्राकृतिक सुंदरता, पारंपरिक महाराष्ट्रीयन व्यंजनों और आधुनिक वाइन-मेकिंग प्रक्रियाओं से रूबरू कराना है। पर्यटन विभाग का आकलन है कि इस नीतिगत सरलीकरण से नाशिक के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 15,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन रुकेगा।
Reported By: the hdsmit universal desk

 

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