रायपुर के बूढ़ातालाब धरना स्थल पर शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन। खाली पड़े 1316 पदों पर तुरंत नियुक्ति देने की मांग।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने कड़ी मेहनत कर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा पास की है। मैरिट सूची में नाम होने के बावजूद उन्हें सरकारी स्कूलों में पोस्टिंग के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। युवाओं ने बताया कि शिक्षा विभाग ने पहले चरणों की काउंसलिंग के बाद शेष बचे 1316 पदों को अधर में लटका दिया है। इनमें से अधिकांश पद अनुसूचित जनजाति (ST) और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के बैकलॉग पद हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार जानबूझकर इन पदों को भरने में देरी कर रही है, जिससे उनके भविष्य पर तलवार लटक रही है।
आंदोलन को उग्र होता देख रायपुर जिला प्रशासन ने धरना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बूढ़ातालाब के पास ही मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और हल्की झूमाझपटी भी देखने को मिली। अभ्यर्थियों ने सड़क पर ही बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी और 'हक दो या जेल दो' के नारे लगाए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं, जो अपने छोटे बच्चों को लेकर आंदोलन में पहुंची हैं।
शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के सरकारी स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। एकल शिक्षकीय या शिक्षक विहीन शालाओं के कारण गरीब बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। एक तरफ स्कूल खाली हैं और दूसरी तरफ योग्य और परीक्षा पास युवा सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर हैं। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर शिक्षा विभाग ने खाली पदों के लिए तीसरी सूची या काउंसलिंग शेड्यूल जारी नहीं किया, तो वे आमरण अनशन (Hunger Strike) शुरू कर देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।
शाम होते-होते शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी धरना स्थल पहुंचे और आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आरक्षण रोस्टर और कुछ तकनीकी खामियों के कारण प्रक्रिया में देरी हुई है, जिसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। हालांकि, अभ्यर्थी लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं। रायपुर में युवाओं का यह प्रदर्शन सोशल मीडिया पर भी तेजी से ट्रेंड कर रहा है, जिससे सरकार पर जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
Reported By - The Hdsmit Universal Heral Desk Chhatisgarh

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