रायगढ़ लॉजिस्टिक्स हब परियोजना: देश के सबसे बड़े रेल-औद्योगिक कॉरिडोर के लिए ₹1,200 करोड़ की योजना

 रायगढ़, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक और खनिज समृद्ध जिले रायगढ़ को देश के सबसे बड़े 'मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब' (Multi-Modal Logistics Hub) के रूप में विकसित करने के लिए रेल मंत्रालय और राज्य उद्योग विभाग ने ₹1,200 करोड़ की एक संयुक्त महा-योजना का अनावरण किया है। इस विशाल परियोजना के अंतर्गत रायगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे तौर पर हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल लाइन और देश के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने के लिए एक एकीकृत माल ढुलाई गलियारा (Dedicated Freight Corridor) निर्मित किया जा रहा है।

रायगढ़ जिला अपने विशाल कोयला भंडारों, इस्पात संयंत्रों और बिजली उत्पादन इकाइयों के कारण देश की ऊर्जा सुरक्षा और विनिर्माण क्षेत्र का एक केंद्रीय स्तंभ है। परंतु, आधुनिक लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे के अभाव में यहाँ उत्पादित होने वाली भारी सामग्रियों को देश के अन्य हिस्सों और बंदरगाहों तक भेजने में काफी समय और अतिरिक्त परिवहन व्यय उठाना पड़ता था। इस नई लॉजिस्टिक्स हब परियोजना के तहत रायगढ़ में एक विशाल अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (ICD), स्वचालित वैगन लोडिंग प्रणालियाँ और 5,000 मीट्रिक टन क्षमता के कवर्ड वेयरहाउस बनाए जाएंगे।
आर्थिक विश्लेषकों का अनुमान है कि इस मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के पूर्ण संचालन से रायगढ़ से होने वाले औद्योगिक निर्यात की लागत में लगभग 22% की प्रत्यक्ष कमी आएगी, जिससे यहाँ के स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में भारी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त होगी। इस महा-परियोजना ने निर्माण और परिवहन क्षेत्र में रायगढ़ के 5,000 से अधिक स्थानीय युवाओं, भारी वाहन ऑपरेटरों और लॉजिस्टिक्स पेशेवरों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसरों का सृजन किया है, जो जिले के औद्योगिक विकास को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
  • रिपोर्ट: द एचडस्मिट यूनिवर्सल डेस्क

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